
धड़कने जब साथ न देंगी,पर याद तेरी आती रहेगी,थम जायेगा दुनिया का कारवां'फिर भी ये सपना रहेगा...मौजो के तेरे शहर में,इक मकां अपना भी होगा !!
हम है इस "अभिनव" जगत में,"रौशन" यहाँ है जिंदगानी'ख़ुशी ने कर लिया है रुख़ तेरा
मेरी क्यों लुट गयी जवानी ???
पर तुझे तो मेरे साथ चलना ही होगा
पर तुझे तो मेरे साथ चलना ही होगा
क्योकि मेरे सिवा कोई तेरा अपना ना होगा
और तब मौजों के तेरे शहर में
इक मकां अपना भी होगा...

उम्मीद की इक रोशनी दिखी है
प्यार तेरे भी दिल में छिपी है
आसमां है गर मंजील मेरा
तो साथ तुझे भी उड़ना ही होगा
तब मौजों के तेरे शहर में
इक मकां अपना भी होगा...
जिन्दगी तन्हा भी हो तो
ReplyDeleteसाथ तेरा चाहिए
आरजु इतनी ही है कि
मौजो के तेरे शहर में
इक मकां मेरा बनाइये