
आज मेरी सुबह का सूरज कहीं खो गया है....भीषण गर्मी के इस आग उगलते धूप के उजाले में भी आज मुझे...गुमनामी का अंधेरा और जीने का डर अनायास ही सता रहा है...बचपन की वो यादें और उन यादों के पीछे छिपे इरादों को याद कर के दिल रोना चाहता है...लेकिन मां कि आंचल का सहारा ना मिलने के कारण ये आंखे भी बेबस होकर चुप्पी साध चुकी है...अजीब सी इक हलचल मची है दिल में....शायद कोई आने वाला है मेरी जिंदगी में...या फिर कोई बिछड़ने वाला है मुझसे...मैंने तो एक हसीन से ख्वाब को पाल रखा था दिल में...फिर ऐसी घबराहट क्यों जो दिल को कचोट रही है ?? क्या मेरा ख्वाब अब भी ख्वाब ही रह जाएगा? कल रात का घनघोर अंधेरा मैं कैसे भूल पाउंगा...हर रोज की तरह मेरी तन्हाई और परछाईं मेरे साथ थी...लेकिन खुद की परछाई के साथ चलने में मैं डर क्यों रहा था ? क्या अब मेरी तन्हाई ही मेरी अपनी रह गई है या फिर उसका भी साथ छूटने वाला है...अजीब सा सवाल है मन में...लेकिन नादान हूँ मैं जो अपने ही सवालो से उसका जवाब मांगने कि जिद्द कर रहा हूँ पता है मुझे कि ये महज एक पागलपन है लेकिन किसी और से जवाब मांगने के ख्याल से डर लग रहा है मुझे...लेकिन उसी अंजाने ख्वाब को दिल से याद करके एक अंजानी सी हिम्मत भी आ जाती है मुझमें...जो अब भी मेरे उस ख्वाब को जिंदा रखे हुए है कि मेरी जिंदगी में कोई आने वाला है जो मुझे सबसे प्यारा होगा....काश मैं उस पल को महसुस कर पाता और जी पाता...आज के अकेलेपन से एक बात तो मैंने सीख ली है कि जिंदगी एक अंधेरी गुफा के समान है लेकिन एक छोर पर उजाले कि एक किरण हमेशा हमारा इंतजार कर रही होती है...फिर भी हम बेबस होकर अपने ही सवालों के उमड़ते-घुमड़ते बादलो में गोते लगाते रहते हैं...हमें लगता है कोई दूर समंदर से एक सीप हमारे लिए एक मोती लेकर आएगा जो हमारे जिंदगी को चमकाएगा...लेकिन ये एक महज ख्वाब है..और झूठ बोलते हैं वो लोग जो कहते हैं कि हर सपना सच और अपना होता है....सच कहूँ तो ख्वाब तो सिर्फ टूटने और इंसानो के दिल को तोड़ने का जरिया मात्र है...इंसान हर सुबह कि किरण के साथ ख्वाब देखता है और हर ढ़लते सूरज के किरण उसकी ये उम्मीदों का गला घोंट देती है...इसलिए झूठे हैं वो जो कहते हैं कि ख्वाब रात के आगोश में पलते हैं...मैने तो हर उजाले में एक अनजाना सा ख्वाब देखा है...
"जिंदगी एक अंधेरी गुफा के समान है लेकिन एक छोर पर उजाले कि एक किरण हमेशा हमारा इंतजार कर रही होती है"
ReplyDeleteIshwar se yah prarthana hai ki aap jald hi us kiran se takraae....aapki abhivyakti me badi kask hai!
Shubkaamnae!
yah mera blog lonk hai samay nikal kar dekhiyega.
http://kavyamanjusha.blogspot.com/